Wind Power vs Solar Power Which is Better for India’s Future? 2025

भारत आज ऊर्जा के बड़े बदलाव के दौर में है यह हर रोज कुछ नया और कुछ न कुछ बदल रहा है और जब हम Wind Power vs Solar Power की बात करते है तो सिर्फ तकनीकी तुलना ही नही बल्कि यह भी तय करना होता है की भारत का भविष्य कौनसी स्वच्छ ऊर्जा दिसा में जा रहा है

आज के टाइम पर भारत ने अपनी रिनेबल एनर्जी के चित्रों में रिकॉर्ड तोड़ सक्सेस देखी है पिछले कुछ वर्षों में example के लिए आप 2025 के जनवरी से लेके सितंबर के इन 9 महीनो में भारत ने 34.4 GW की नई wind और सोलर एनर्जी जुड़ी है जो पिछले साल 2024 के हिसाब से 71% ज्यादा है और इनमे से Solar power 68.9% और Wind power में लगभग 88.8% की उछाल रिकॉर्ड की गई है

ऐसे में यह सवाल उठता है कि Wind Power vs Solar Power में से भारत के लिए कौन बेहतर विकल्प है क्योंकि एक तरफ हवा से चलने वाली पवन चक्कियाँ (Wind Turbines) हैं और दूसरी तरफ सूरज की किरणों से बिजली बनाने वाले सोलर पैनल (Solar Panels) हैं इन दोनो का एक ही मकसद है स्वच्छ बिजली देना कार्बन उत्सर्जन कम करना और भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ना है

इस ब्लॉग में हम गहराई से देखेंगे कि क्या है Wind turbine energy और solar power energy कैसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी और सबसे जरूरी यह भी है की Wind Power vs Solar Power में से भारत के लिए कौन सा बेहतर opptions है इन दोनो का काम करने का तरीका, लागत, फायदा नुकसान, भारत में इनकी मौजूदा हालात, और अंत में हम सफाई से बताएँगे कि कैसे इन दोनों को मिलाकार या अलग अलग अपनाकर भारत ने अपनी Clean Energy Future की दिशा कैसे तय की है

What is Wind Power? Concept, Working and India’s Scenario?

पवन ऊर्जा क्या है यानी Wind Energy वह उर्जा होती है जिससे हवा की गति से प्राप्त किया जाता है जब हवा चलती है तो वह पवन चक्कियों (Wind Turbines) की ब्लेड-हुइल को घुमाती है और यह घुमाव मैकेनिकल ऊर्जा में बदलता है जिसे जनरेटर की मदद से विद्युत (Electricity) में बदल दिया जाता है इस तरह हवा से बिजली बनने का प्रोसेस होता है जो देखने में बहुत सरल लगता है

लेकिन इसके अंदर विज्ञान और तकनीक का गहरा मेल देखने को मिलता है इस तरह के सोर्सेज को इस लिए नई तकनीक कहा जाता है क्योंकि हवा एक नेचुरल सोर्स है जिसे हम बार बार इस्तेमाल कर सकते है बिना खतम हुए

Wind turbines कैसे काम करती है?

  • 1 wind turbine में कुल तीन ब्लेड होते है जिनको हम पंखा की पत्ती की तरह समझ सकते है जो हवा के दबाओ से घूमती है इन्हे एक लोहे के पिलर से ऊंचाई पर इंस्टाल किया जाता है जहा हवा की गति ज्यादा होती है
  • 2 रोटर व शाफ्ट ब्लेड घूमते समय रोटर और शाफ्ट के माध्यम से घुमाव को ट्रांसमिट करता है
  • 3 जनरेटर शाफ्ट के घूमने से जनरेटर में मैकेनिकल ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदल जाती है
  • 4 कंट्रोल सिस्टम हवा की दिशा-गति के अनुसार टर्बाइन की ब्लेड्स का पिच और टावर की दिशा बदली जाती है ताकि अधिकतम ऊर्जा प्राप्त हो सके
  • 5 ट्रांसमिशन उत्पन्न बिजली को नेटवर्क (Grid) के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाता है

Wind Power vs Solar Power में भारत के पवन ऊर्जा की स्थिति क्या है?

Wind Power vs Solar Power 2025 में Ministry of New and Renewable Energy (MNRE) कहने के मुताबिक भारत में पवन ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 50GW के आस-पास पहुंच चुकी है इसके अलावा Wind Power vs Solar Power में भारत की पवन ऊर्जा की संभावना बहुत बढ़ गई है 120 मीटर ऊँचाई पर लगभग 695.5 GW और 150 मीटर ऊँचाई पर लगभग 1,163.9 GW तक अनुमानित स्तिथि है

Wind Power vs Solar Power 2025 में पहले 9 महीनो में भारत ने Wind Power vs Solar Power energy के लिए 34.4 GW की नई क्षमता जोड़ी है जिसमें Wind energy की total growth record speed 88.8% रही है लेकिन इसके साथ कई problam भी है जैसे कि जगह का चयन करना, wind के लिए जमीन, और wind turbines ब्लेड मोटर और इसके साथ इस्तेमाल में होने वाले समान को जगह पर पहुंचना एक बहुत बड़ा चैलेंज है

भारत में पिछले साल 2024 से 2025 तक Wind Power vs Solar Power renewable energy में लगभग 4.15 GW की क्षमता जुड़ी है आज के समय में भारत दुनिया पवन ऊर्जा इंस्टॉल्ड क्षमता के हिसाब से में चौथे स्थान पर है आज के टाइम पर भारत ने Renewable energy source काफी ध्यान दिया है इसी वजह से पवन ऊर्जा निर्माण में भारत सालाना करीब 18 GW क्षमता का निर्माण कर रहा है

How Does a Wind Turbine Work?

Wind Power vs Solar Power अब तक हमे यह पता चला गया है की कि Wind Power यानी पवन ऊर्जा क्या होती है तो थोड़ा समझते हैं कि पवन चक्की (Wind Turbine) आखिर काम कैसे करती है जब हवा तेज़ चलती है तो वो टर्बाइन की ब्लेड्स (Blades) को घुमाती है और ये ब्लेड्स एक रोटर से जुड़ी होती हैं जो घूमकर अंदर लगे शाफ्ट को घुमाती हैं अब यह शाफ्ट एक जनरेटर से जुड़ा होता है और जैसे ही शाफ्ट घूमता है जनरेटर बिजली (Electricity) बनाना शुरू कर देता है

Wind Turbine के Main Parts, Blades, Rotor, Nacelle, Tower, Generator, Controller System एक wind turbine चलाने के लिए इन सब मैन पार्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है

आम तौर पर wind turbine दो टाइप की होती है

  • 1. Horizontal Axis Turbine यह सबसे आम होती है और ये वही होती हैं जो हम ज़्यादातर फोटो या खेतों में देखते हैं बड़ी तीन-ब्लेड वाली टरबाइन
  • 2. Vertical Axis Turbine इनका डिजाइन छोटा और सीधा होता है यह आमतौर पर शहरों या कम जगह वाले एरिया में लगाई जाती हैं

What is Solar Power?

Wind Power vs Solar Power में जैसे हवा की मदद से हम विंड से बिजली बनाते है वैसे ही हम सूरज की रोशनी यानी sunlight से भी बिजली बना सकते है और इसी को ही सोलर ऊर्जा या solar power कहते है यह बिजली सोलर पैनल (Solar Panels) के ज़रिए बनाई जाती है, जो सूरज की किरणों को पकड़कर उसे इलेक्ट्रिक एनर्जी (Electric Energy) में बदलते हैं

सौर ऊर्जा कैसे काम करती है? सौर ऊर्जा का काम करने का तरीका बड़ा ही सिंपल और दिलचस्प है हर सोलर पैनल के अंदर छोटे-छोटे Solar Cells होते है जिनको हम (Photovoltaic Cells) भी कहते है जब इन पर सूरज की रोशनी पड़ती है तो ये DC यानी (Direct Current) बिजली पैदा करते हैं

फिर यह बिजली इन्वर्टर के पास जाती है और इन्वर्टर DC current को AC current में बदल देता है क्योंकि घरों में AC (Alternating Current) बिजली चलती है और इसलिए एक Solar Inverter लगाया जाता है जो DC को AC में बदल सके सोलर एनर्जी बनाने के लिए हमे आम तौर पर चार मेने उपकरणों की जरूरत होती है

  • 1. Solar Panels (सोलर पैनल)
  • 2. Inverter (इन्वर्टर)
  • 3. Battery (बैटरी)
  • 4. Controller & Wiring

2025 में भारत में सोलर पावर की मौजूदा स्थिति क्या है?

भारत इस वक्त दुनिया के टॉप 3 सोलर एनर्जी देशों में से एक है सरकार के MNRE डेटा के अनुसार 2025 तक भारत की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 75 GW+ पार कर चुकी है भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक 280 GW से ज़्यादा सोलर पावर इंस्टॉल कर ले

Wind Power vs Solar के मामले में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्य सोलर इंस्टॉलेशन में सबसे आगे हैं इसके अलावा, भारत में PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana जैसी स्कीम्स लोगों को घर पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं

सौर ऊर्जा क्यों जरूरी है क्योंकि सूरज हर रोज मुफ्त में उगता है Wind Power vs Solar Power में सोलर एनर्जी बिना किसी प्रदूषण बनती है और इसमें कम माइंटेंस होता है एक बार लगाने से इसको 20 से 25 साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है

Wind Power vs Solar Power Key Differences

Wind power vs Solar power में kay Differences क्या क्या है इसको हम सीधी और आसान तरीके से समझने की कोशिश करेंगे जब बात आती है renewable energy की तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है Wind Power vs Solar Power में आखिर कौन सा बेहतर ऑप्शन है क्युकी दोनों ही Green Energy हैं दोनों pollution free हैं लेकिन दोनों की अपनी खूबियाँ और कमियाँ हैं चलो इनको एक एक पॉइंट में compare करते हैं

wind power Installation कैसे और कहा लगती है wind लगाने के लिए हम बड़े और खुले मैदान की जरूरत होती है इनको जियदातर फॉर्मलैंड यह समुंद्र के किनारे लगाया जाता है क्युकी इनकी बहुत ज्यादा जमीन की जरूरत होती है इसके अलावा छोटे wind भी आते है लेकिन यह भारत में बहुत ज्यादा practical नहीं होते

Solar power installation सोलर पावर को हम घर की छत फैक्ट्री की रूफटॉप, खेत कही भी आसानी से लगा सकते है इनको install करने के लिए बहुत ज्यादा जगह की जरूरत नही होती है Wind Power vs Solar Power में सोलर वहा लगता जाता है जहा काम बिजली की खपत हो जगह कम हो जैसे घर खेत दुकान फैक्टरी इनके लिए फारफेक्ट है

Wind Power vs Solar Power Cost अगर हम इन दोनो की कॉस्ट की। बात करे तो एक wind installation में इसकी लागत करोड़ों में चली जाती है जिनमे कई खर्च होते है जैसे की टारंसपोर्ट लैंड आदि

लेकिन अगर सोलर सिस्टम की बात करे तो 1KW सोलर लगवाने पर इनकी कीमत 60 हजार से लेके 75 हजार तक जाती है और इनको आसानी लगाया जा सकता है जरूरत पढ़ने पर इनकी जगह भी बदली जा सकती है और इनमे माइंटेंस बिलकुल न के बराबर होता है

Efficiency (कितनी बिजली बनती है?)

Wind Power vs Solar Power में wind से बिजली बनाने के लिए जो चीज सबसे ज्यादा जरूरी है वह है हवा और हवा हर टाइम पर्याप्त मात्रा में नही होती है इसके मौसम पर डिपेंड होना पढ़ता है लेकिन इसमें फायदा यह है कि यह दिन और रात दोनो में विजली बना सकती है अच्छी हवा में इनकी Efficiency 35 से 45% तक होती है

solar power के लिए सीधा सूरज की रोशनी की जरूरत होती है solar system से सिर्फ दिन में ही बिजली बनाई जा सकती है अगर इनकी Efficiency की बात करे तो यह दिन में 18 SE 22% के बीच होती है

Wind Power vs Solar Power Compare

Wind Power vs Solar परफॉर्मेंस, लागत और उपयोग

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