
घर के लिए सस्ते सोलर पैनल कैसे लगवाए यह बात हर कोई जानना चाहत है लेकिन इसकी जरूरत क्या है और इससे कैसे हम फायदा उठा सकते है
बिजली आज के समय में हमरे लिए कितनी जरूरी है यह बताने की जरूरत नही है बड़ी बड़ी कंपनी मोबाइल liptop AC पंखा यह तक इंसान की 80% जरूरतों का सामान बिजली से ही चलता है लेकिन हर जगह बिजली नही मिल पाती है कही मिलती भी है तो ज्यादा टाइम के लिए नही होती है ऐसे में इंसान को चाइए था कुछ ऐसा की जब बिजली न भी हो तो हम बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग कर सके।
फिर इंसान ने बैटरी बनाई जिसमे हम विद्युत परवाह को सेव कर सके लेकिन इसके लिए सिर्फ बैट्री ही काफी नहीं थी तो कैंडेक्टर और इनवर्टर बना जो जब विद्युत हो तो बैटरी को चार्ज करे और जब बिजली न हो तो इसकी मदद से हम घर या ऑफिस के fan बल्ब आदि का उपयोग कर सके।
लेकिन अभी भी एक समस्या यह थी की बिजली बनाना और आम इंसान तक पहुंचाना बहुत महंगा और लंबी परक्रिया है ऐसे में आम इंसान को कुछ ऐसा चाइए था जो हमारी बैटरी को चार्ज करे लेकिन बिना बिजली के फिर बना सोलर पैनल आज के इस लेख में हम जानेंगे की सोलर पैनल क्या है।
घर के लिए सस्ते सोलर पैनल कैसे लगवाए घर के लिए सोलर पैनल कितने प्रकार के होते है क्या इसमें सरकार क्या सब्सिडी देती है इस बारे में सब कुछ बारीकी से जानने की कोशिश करेंगे।
सोलर पैनल क्या है कैसे काम करता है सोलर पैनल? What is a solar panel and how does a solar panel work?

सोलर पैनल एक तरह उपकरण है जो सुरज की किरणों को खीच कर DC करंट बनाता है जो फिर इन्वर्टर में जाता है और इनवर्टर उसको AC करंट में बदल देता है जिससे हम अपने घर ऑफिस और छोटे दुकान पर बिजली से चलने वाले उपकरणों का आसानी से इस्तेमाल कर पाते है और इसे Photovoltaic Panel भी कहा जाता है।
सोलर पैनल और सोलर इनवर्टर उन जगहों पर बहुत उपयोगी साबित हो रहे है जहा पर बिजली की आपूर्ति पूरी तरह नही हो पति है इसका उपयोग अभी सिर्फ घर या ऑफिस दुकान तक ही सीमित नही रहा अब यह बड़े बड़े कंपनी और बड़े उद्गगिग कामों में भी उपयोग हो रहा है।
इस महगाई के दौर में जहा बिजली का बिल देना एक चुनती भरा काम है उसमे घर के लिए सोलर पैनल और सोलर इनवर्टर लगवाना एक अच्छा विकल्प है अगर कोई आम इंसान सोलर सिस्टम लगाया है तो वह 2 या 3 वर्षो में इसकी सारी लागत निकल सकता है साथ ही अभी सरकार भी इसपर सब्सिडी दे रहे है और घर के लिए सोलर पैनल लगवाने के लिए नई नई स्कीम भी निकल रही है।
सोलर पैनल कैसे काम करता है? How does a solar panel work?
आज से कुछ सालो पहले किसी ने यह नही सोचा होगा की जो पंखा कूलर बल्ब हम बिजली से इस्तेमाल करते है एक दिन सूरज की किरणों से हो सकेगा सोलर पैनल विज्ञान का जादू है लेकिन बहुत से लोग को यह सवाल होता है की सोलर सिस्टम और सोलर पैनल कैसे काम करता है इसके लिए हमको थोड़ा और गहराई से समझना पड़ेगा।
हर सोलर पैनल में कई छोटे छोटे सोलर सेल्स होते है यह सेल्स आम तौर पर सिलिकॉन (silicon) के बने होते है और जब सूरज की किरणे सोलर पैनल पर पढ़ती है तो फोटोन (photon) नमक कर्ण इलेक्ट्रॉन को सक्रिय कर देते है और जब सूरज की किरणे सेल्स से टकरा रही होती है तो यह हिलने लगते है जिससे करंट उत्पन्न होता है जिसको हम Direct current यानी (DC) कहते हैं।
घर में जो उपकरण हम इस्तेमाल करते है वह AC यानी (Alternating Current) करंट से चलते है अब सोलर पैनल से बनने वाले DC करंट को हम इनवर्टर की मदद से AC में बदलेंगे फिर इसके बाद हम इस करंट को अपने मेन बोर्ड से जुड़ते है ताकि हमारे उपकरण चल सके
सोलर पैनल कितने प्रकार के होते है घर के लिए कौन सा सोलर पैनल अच्छा होता है? How many types of solar panels are there Which solar panel is good for home?
आज के टाइम पर मार्किट में बहुत से सोलर पैनल है लेकिन आम तौर पर 3 मुख्य सोलर पैनल बहुत ज्यादा लोकप्रिय है इन सोलर में क्या फर्क होता है घर पर कौन सा सोलर पैनल लगवाना चाइए आप इससे समझ सकते है
1. मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Monocrystalline Solar Panels)
मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल शुद्ध सिलिकॉन क्रिस्टल से बनाए जाते है इनमे 18 से 20% प्रतिशत एफिशियंसी होती है जो इनको ज्यादा बिजली बनाने में मदद करती है इनकी यह हाई एफिसियांसी की वजह से बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है यह गहरे काले रंग के होते है इनका इस्तेमाल जियदातर वहा किया जाता है जहा बिजली की अधिक जरूरत हो और इनको लगाने के लिए कम जगह हो यह महंगे होते है लेकिन यह लंबे समय तक टिकाऊ होते है।
2. . पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Polycrystalline Solar Panels)
इनका इस्तेमाल जियदतर उन जगहो पर होता है जहा जगह की कोई कमी नही होती है और यह सोलर पैनल बहुत आम है घरों और ऑफिस के लिए यह सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है इसका रंग नीला होता है यह कई सिलिकॉन क्रिस्टल से मिल कर बना होता है इनकी एफिशियंसी 15 से 17% प्रतिशत होती है पोलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल से कम होती है यह काफी किफायती दामों पर मिलते है और यह लंबे समय तक उपयोगी होते है। घर के लिए यह सोलर पैनल सबसे अच्छा है
3. थिन-फिल्म सोलर पैनल (Thin-Film Solar Panels)
इस सोलर पैनल की सबसे अच्छी और खास बात यह होती है की यह हलके और फैलेक्सब्ल होते है जिससे इनको कही लगाना बहुत हीं आसान होता है लेकिन इनकी यही खास जीज़ इनके लिए खतरा भी है अगर इनको ठीक से न इंस्टाल किया जाए तो यह तेज़ हवा इनको अपने साथ उड़ा सकती है इनकी एफेसियांसी लगभग 10 से 12% प्रतिशत होती है जो की बहुत कम है इनकी कीमत बहुत कम होती है साथ ही यह बहुत ज्यादा टाइम तक नही चल पाते है इनका उपयोग छूटे मोटे कामों के लिए किया जाता है।
सोलर पैनल के लिए सरकार का योगदान और कौन सा सोलर घर के लिए ठीक रहेगा? Government contribution for solar panels and which solar panel will be suitable for home?

भारत सरकार ने बीते कुछ वर्षो में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाया है MNRE (Ministry of New and Renewable Energy के मध्यम से सोलर पैनल लगवाने पर नागरिकों को 30% से लेकर 90% तक सब्सिडी दे रही है जो राज्य और योजना के हिसाब से अलग अलग होती है
इसके अलावा सरकार ने PM-KUSUM, सौर रूफटॉप योजना, और सोलर पार्क स्कीम जैसी योजनाओं की शुरुआत की है, जिनका उद्देश्य हर गांव, हर घर तक स्वच्छ और किफायती बिजली पहुँचाना है। DISCOM (Electricity Distribution Companies) के साथ मिलकर घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाया गया है। अब लोग सीधे पोर्टल पर आवेदन करके सब्सिडी पा सकते हैं। सरकार का यह सक्रिय योगदान भारत को आत्मनिर्भर और ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है।
हमको कितने watt का सोलर लगवाना चाइए? How many watts of solar should we install
घर में कितने वॉट का सोलर लगवाना चाइए यह बात सोलर लगवाने से पहले सबके दिमाग में यह प्रशन रहता ही है इसको समझने के लिए आपको पहले यह जानना होगा की आपके घर या ऑफिस में बिजली की कितने खपत है इसके लिए आप बिजली मीटर को देख सकते है
यह फिर आप अपने घर के उपकरणों को गिन कर यह पता कर सकते है यह कितने वॉट का है आम तौर पर एक इनवर्टर पंखा 50 वॉट बिजली खींचता है और एक LED बल्ब 15 या 50 के वॉट बीच में बिचली खींचता है
अगर आप हर महिने 1.5 यूनिट खर्च करते है तो आपको 1.5 KG वॉट का सोलर लगवाना चाइए और अगर आप महीने मे 300 watt यूनिट खर्च करते है तो आपको 3KG watt का सोलर लगवाना चाइए अगर आप चाहते है की सोलर से घर का AC भी चल सके तो फिर आपको 5kg watt का सोलर सबसे अच्छा रहेगा यह तीनों साइज का सोलर औसतन घरों में उपयोग में लिया जाता है।
अभी मार्किट में बहुत सी कंपनियों के सोलर सिस्टम है आप इनको ऑनलाइन या अपने करीबी डीलर से भी खरीद सकते है साथ ही इसके साथ आपको एक इनवर्टर केबल स्विच और बैटरी की भी जरूरत होगी
हम असा करते है यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपके सारे प्रश्न के उत्तर मिल गए होंगे
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