India vs China Renewable Energy Future 2025 में किसके हाथ में होगा?

दुनिया जिस तेज़ी से renewable energy की तरफ बढ़ रही है, उसमें दो देश सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं भारत और चीन जहां एक तरफ चीन दुनिया के लगभग 74% सौर और पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट अकेले बना रहा है तो दूसरी तरफ भारत भी renewable energy में तेज़ी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है यही वजह है कि आज सबके मन में सवाल है India vs China Renewable Energy Future किसके हाथ में होगा

ऊर्जा का भविष्य केवल बिजली उत्पादन करना ही नहीं है बल्कि इससे देश में आर्थिक सुधार होता है रोजगार नई तकनीक के साथ साथ पर्यावरण को भी बहुत फायदा होता है चीन ने पिछले एक दशक में अपने massive infrastructure और manufacturing power के दम पर renewable energy सेक्टर में जबरदस्त बढ़त बनाई है वहीं भारत ने भी 2030 तक 500 GW non-fossil fuel capacity और 2070 तक net zero का बड़ा लक्ष्य तय किया है

इस ब्लॉग में हम बहुत ही बारेकी से समझेंगे कि global renewable energy race में भारत और चीन कहां खड़े हैं कौन आगे है और आने वाले समय में India vs China Renewable Energy Future का असली चेहरा क्या होगा

दुनिया में India vs China Renewable Energy Future का हाल

आज की दुनिया में renewable energy सिर्फ एक opption नहीं है बल्कि यह एक जरूरत बन चुकी है जलवायु परिवर्तन ऊर्जा सुरक्षा और बढ़ती ऊर्जा मांग ने पूरी दुनिया को मजबूर कर दिया है कि वे fossil fuels से निकलकर साफ और टिकाऊ ऊर्जा की ओर बढ़ें

Global Energy Monitor की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में लगभग 689 GW सौर और पवन (solar & wind) ऊर्जा परियोजनाएँ construction phase में हैं। इनमें से अकेले चीन 510 GW (74%) हिस्सेदारी रखता है। इसके अलावा global pipeline में 1.3 TW से ज्यादा renewable energy projects अभी planning और proposal stage में हैं

इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी सिर्फ 5.9% है, जबकि भारत का share लगभग 5.1% है इन आंकड़ों से साफ दिखाई देता है कि चीन renewable energy में बहुत आगे निकल चुका है। लेकिन भारत भी तेज़ी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और भविष्य में एक बड़ी ताकत बन सकता है

यानी कि अगर हम India vs China Renewable Energy Future की तुलना करें, तो global context में चीन का पलड़ा इस समय भारी है। लेकिन भारत के पास भी मजबूत policies और projects हैं जो आने वाले समय में game changer साबित हो सकते हैं।

India vs China Renewable Energy Future में चीन की रणनीति और दबदबा

चीन ने दुनिया में Renewable Energy के क्षेत्र में जो दबदबा बनाया है, वह केवल निवेश और तकनीक तक सीमित नहीं है चीन की Renewable Energy रणनीति एक ऐसा मॉडल है जिसे पूरा दुनिया देख रही है देश ने बड़े पैमाने पर सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं साथ ही बैटरी निर्माण और इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी में भी खास ध्यान दिया है और सरकार ने भी अपनी भूमिका निभाई है

चीन की Renewable Energy रणनीति के असली वजह क्या है

चीन की renewable Energy को आगे बढ़ाने के लिए सब्सिडी और निवास ज्यादा जोर दिया है यह निवेश चीन के सोलर पैनल और विंड टरबाईन उत्पादन पर सीधा असर डाल रहा है इससे उत्पादन लागत कम हुई और चीन world मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर सका

चीन ने बैटरी सोलर मॉड्यूल और इन्वर्टर जैसी तकनीकों में रीसर्च और डेवलपमेंट में अरबों डॉलर का निवेश किया है इसकी वजह से चीन में सस्ती और हाई क्वालिटी Renewable Energy तकनीक तैयार हुई है

India vs China Renewable Energy Future में चीन अपने सोलर पैनल और विंड टर्बाइन को पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट कर रहा है। इससे भारत जैसे देशों में सस्ती Renewable Energy तकनीक पहुंच रही है लेकिन चीन का दबदबा भी बढ़ रहा है

चीन ने Renewable Energy प्रोजेक्ट्स के लिए एक मजबूत इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। हाई-स्पीड ट्रांसमिशन स्मार्ट ग्रिड और बैटरी स्टोरेज सिस्टम्स ने चीन को world का Renewable Energy हब बना दिया है

India vs China Renewable Energy Future में मुकाबले को देखते हुए यह साफ होता है कि भारत को भी बड़े पैमाने पर निवेश टेक्नोलॉजी और इनफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना होगा अगर भारत समय रहते कदम नहीं उठाता है तो चीन का दबदबा और बढ़ सकता है

भारत की रणनीति और भविष्य की तैयारी

भारत ने पिछले कुछ सालों में Renewable Energy के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए हैं सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश की बिजली का एक बड़ा हिस्सा Renewable Sources से आए यह सिर्फ क्लीन एनर्जी का मुद्दा नहीं है बल्कि India vs China Renewable Energy Future की दौड़ में अपनी जगह मजबूत करने का भी प्रयास है।

भारत की Renewable Energy रणनीति के प्रमुख बिंदुअत्यधिक सौर क्षमता (Solar Power Growth)भारत ने बड़े पैमाने पर Solar Parks और Rooftop Solar प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं राजस्थान, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में दुनिया के सबसे बड़े सोलर पार्क बनाए जा रहे हैं

पवन ऊर्जा (Wind Energy) में निवेशभारत तटीय इलाकों और दक्षिण भारत में Wind Power को तेजी से बढ़ा रहा है तमिलनाडु और गुजरात पवन ऊर्जा उत्पादन में सबसे आगे हैं।

बैटरी स्टोरेज और हाइड्रोजन एनर्जीभविष्य को देखते हुए भारत ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी स्टोरेज टेक्नोलॉजी में निवेश कर रहा है यह कदम Renewable Energy को स्थायी और निरंतर बनाने में मदद करेगा।

सरकारी योजनाएं और सब्सिडी प्रधानमंत्री कुसुम योजना, सोलर सब्सिडी और ग्रीन एनर्जी पॉलिसीज भारत को Renewable Energy Hub बनाने की दिशा में काम कर रही हैं India vs China Renewable Energy Future की इस दौड़ में भारत की यह कदम बहुत ही उपयोगी साबित हुआ है

निष्कर्ष

चीन की रणनीति यह दिखाती है कि Renewable Energy केवल ऊर्जा उत्पादन का मामला नहीं है बल्कि world economy और तकनीकी का मामला भी है। भारत को अपनी Renewable Energy योजनाओं में तेजी लानी होगी ताकि India vs China Renewable Energy Future में संतुलन कायम रहे

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